रायपुर। जिला वनोपज सहकारी यूनियन, बीजापुर द्वारा वर्ष 2026 के तेंदूपत्ता संग्रहण कार्य की शुरुआत कर दी गई है। जिले के 28 प्राथमिक वनोपज सहकारी समितियों . पामेड़ पुजारी कांकेर , उसूर, हीरापुर, चेरामंगी, कोरसागुड़ा, ईलमिड़ी, देपला, भद्राकाली, सकनापल्ली, चेरपल्ली, मददेड़, बंदेपारा, पामगल, धनोरा, संतोषपुर तोयनार, गुदमा, बरदेला, माटवाड़ा, भैरमगढ़, कोडोली, मिरतुर, कुटरु एवं करकेली के अंतर्गत 45 तेंदूपत्ता लॉटों के 582 फड़ों में संग्रहण कार्य संचालित किया जा रहा है। शासन द्वारा निर्धारित 5.50 रुपए प्रति गड्डी 5500 प्रति मानक बोरा की दर से ग्रामीणों से अच्छी गुणवत्ता के तेंदूपत्तों की खरीदी की जाएगी।
समिति ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे चिकने, सपाट, बिना छेद और बिना कटे.फटे अच्छे पत्तों की 50-50 पत्तों की गड्डी बनाकर नजदीकी फड़ में विक्रय करें। अधिक गुणवत्ता वाले तेंदूपत्ता बेचने वाले संग्राहकों को संग्रहण पारिश्रमिक के साथ बोनस का भी लाभ मिलेगा।
इसके अलावा 500 गड्डी से अधिक तेंदूपत्ता संग्रहण करने वाले संग्राहकों को शासन की सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ दिया जाएगा। योजना के तहत परिवार के मुखिया की सामान्य मृत्यु पर ₹2 लाख तथा दुर्घटना मृत्यु पर ₹4 लाख तक की सहायता राशि प्रदान की जाएगी। परिवार के अन्य सदस्यों के लिए भी आर्थिक सहायता का प्रावधान है।
समिति क्षेत्र के मेधावी विद्यार्थियों को भी छात्रवृत्ति एवं शिक्षा प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। दसवीं और बारहवीं में उत्कृष्ट अंक प्राप्त करने वाले छात्र.छात्राओं के साथ व्यावसायिक एवं गैर.व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में अध्ययनरत विद्यार्थियों को भी लाभ मिलेगा।
वनोपज सहकारी यूनियन ने सभी ग्रामीणों से अधिक से अधिक मात्रा में अच्छी गुणवत्ता का तेंदूपत्ता संग्रहण कर निकटतम फड़ों में विक्रय करने की अपील की है।
