गांवों में जलस्रोतों का संरक्षण खेती-किसानी, पशुपालन और स्थानीय जीवन को संबल देता है। सूरजपुर जिले की ग्राम पंचायत लांजित में विकसित भारत–जी राम जी योजना के तहत कराया गया तालाब गहरीकरण इसी दिशा में एक पहल है। इससे वर्षा जल को अधिक मात्रा में संचित करने में मदद मिलेगी और ग्रामीणों को गांव में ही रोजगार का अवसर भी मिला है।
ग्राम पंचायत लांजित के निवासी सुरेश कुमार सिंह बताते हैं कि गहरीकरण से पहले तालाब में पर्याप्त पानी नहीं रुकता था। गर्मी के दिनों में पानी की कमी किसानों और पशुपालकों के लिए परेशानी बन जाती थी। अब तालाब की बढ़ी हुई गहराई वर्षा जल को संचित करने में सहायक होगी। इससे सिंचाई और पशुओं के लिए पानी की उपलब्धता बेहतर होने की उम्मीद है। तालाब में पानी रहने से पशु-पक्षियों और अन्य जीव-जंतुओं को भी राहत मिलेगी।
तालाब गहरीकरण का काम स्थानीय ग्रामीणों के लिए आजीविका का अवसर भी बना। सिंह के अनुसार, इस कार्य में ग्राम पंचायत के लगभग 500 से 600 मजदूरों ने काम किया। गांव में ही मिली मजदूरी से ग्रामीण परिवारों को आय का सहारा मिला और उनकी जरूरतें पूरी करने में मदद हुई।
सुरेश कुमार सिंह इस कार्य को गांव के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण मानते हैं। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण के इस प्रयास में शासन-प्रशासन और ग्रामवासियों का सहयोग सराहनीय रहा। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया।
लांजित का यह तालाब अब केवल जलसंचय का माध्यम नहीं, बल्कि ग्रामीणों के लिए बेहतर आजीविका और सुरक्षित भविष्य की उम्मीद भी है।
