बलौदाबाजार। जिले के कसडोल क्षेत्र के खर्वे गांव में लगातार हुई 8 मौतों की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। पुलिस जांच में सामने आया है कि इन मौतों के पीछे गांव का ही रहने वाला राम सहाय जायसवाल है। पुलिस के मुताबिक आरोपी ने कथित रूप से निजी दुश्मनी, अंधविश्वास और आर्थिक परेशानियों से छुटकारा पाने के इरादे से लोगों को अपना निशाना बनाया।
मामले का खुलासा तब हुआ जब ग्रामीणों ने संदिग्ध मौतों को लेकर पुलिस से जांच की मांग की। ग्रामीणों ने फरवरी से 14 मई के बीच हुई मौतों पर सवाल उठाते हुए राम सहाय जायसवाल पर संदेह जताया था। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने पूरे मामले की जांच शुरू की।
जांच के दौरान पुलिस ने मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में 7 मृतकों के शवों को कब्र से बाहर निकलवाया। सभी शवों को पोस्टमार्टम के लिए रायपुर भेजा गया, जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने जांच की। इस दौरान डीएनए, विसरा सहित अन्य नमूनों को सुरक्षित रखा गया। वहीं एक मृतक का अंतिम संस्कार पहले ही किया जा चुका था।

जहर की पुष्टि के लिए किया था परीक्षण
पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसने सुहागा नामक पदार्थ हासिल किया था। पुलिस के अनुसार आरोपी ने पहले इसका असर जानने के लिए एक आवारा कुत्ते पर प्रयोग किया, जिसकी मौत हो गई। इसके बाद उसने कथित तौर पर लोगों को शराब के जरिए यह पदार्थ दिया।
पुलिस का कहना है कि आरोपी ने एक-एक कर कई लोगों को निशाना बनाया। मामले में राम सहाय जायसवाल को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस अब पूरे घटनाक्रम से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है।
- सिलसिलेवार हत्याओं का खौफनाक पैटर्न
- 6 फरवरी को उसने पहला शिकार बद्री को बनाया, जो अक्सर उसके साथ गाली-गलौज और शराब पिलाने के लिए परेशान करता था।
- 20 फरवरी को उसने दूसरा शिकार बुठालु को बनाया गया। बुठालु द्वारा समाज को गाली देने और पूर्व विधान सभा चुनाव के समय हुए विवाद के कारण उसे शराब में सुहागा मिलाकर पिला दिया, जिससे बद्री की मौत हो गई।
- 12 मार्च को उसने तीसरा निशाना छत्तु राम को बनाया, जो उसकी पत्नि के उपर बुरी नियत रखता था।
- 20 मार्च को चौंथा निशाना उसने बुधराम को बनाया, जमीन लेन देन और समाजिक रूप से रंजीश को लेकर उसे भी ठीक उसी पैटर्न में शराब में सुहागा मिलाकर पिला दिया।
- 31 मार्च को उसने पांचवां निशाना विनोद कुमार को बनाया गया, जो उसके साथ लगातार गाली-गलौज किया करता था।
- 28 अप्रैल को उसने छठा निशाना गजानंद को बनाया। आरोपी को उसपर शक था कि वह उसपर बैगा गुनिया करता है, जिसके कारण वो कर्ज मुक्त नहीं हो पा रहा है और जीवन में सुख शांति नहीं आ पा रहा है।
- 29 अप्रैल को इसने सातवां निशाना चैतूराम को बनाया। आरोपी ने चैतूराम से 50,000 कर्ज लिया गया था, जिसके ब्याज देने से निजात पाने के लिए उसने उसे शराब में सुहागा मिलाकर मार डाला।
- 14 मई को आठवां निशाना उसने महेतरू राम को बनाया। 2023 में चुनाव के समय हुए पुराने विवाद, मारपीट और बीच बीच में ताने मारने से नाराज होकर उसने उसे शराब में सुहागा मिलाकर मार डाला।
- आरोपी ने 14 अप्रैल 2026 को कार्तिक नाम के ग्रामीण को भी जहर वाली शराब दी थी, लेकिन समय पर इलाज मिलने के कारण उसकी जान बच गई।
- मृतकों के कफन-दफन में शामिल होता था आरोपी
- हैरानी की बात ये है कि किसी को शक न हो इसलिए आरोपी खुद मृतकों को अस्पताल ले जाता और उनके कफन-दफन में शामिल होता था।
पुलिस टीम की बड़ी सफलता
इस अंधे कत्ल की गुत्थी को सुलझाने के लिए आईजी रायपुर अमरेश मिश्रा (IPS) लगातार दिशा-निर्देश दे रहे थे। पुलिस अधीक्षक ओ.पी. शर्मा के निर्देश, एएसपी अभिषेक सिंह के मार्गदर्शन और एसडीओपी कसडोल कौशल किशोर वासनिक के नेतृत्व में निरीक्षक प्रवीण मिंज और सायबर थाना प्रभारी निरीक्षक प्रणाली वैद्य की टीम ने सूझबूझ, धैर्य और तकनीकी साक्ष्यों का इस्तेमाल कर आरोपी को सलाखों के पीछे पहुंचाया। आरोपी के खिलाफ 8 हत्या और 1 हत्या के प्रयास सहित कुल 9 आपराधिक मामले दर्ज कर आगे की जांच की जा रही है।
