रायपुर। प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) की विस्तृत जानकारी देते हुए उद्योग विभाग के अधिकारी ने जानकारी दी कि केंद्र सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना से युवाओं को स्वरोजगार स्थापित कर आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रोत्साहित किया। हितग्राहियों को ग्रामीण क्षेत्रों में 35 प्रतिशत तथा शहरी क्षेत्रों में 25 प्रतिशत तक सब्सिडी प्रदान की जाएगी।
’सूक्ष्म उद्यमों की स्थापना के लिए मिलेगा ऋण’
विभागीय अधिकारियों ने बताया कि प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम भारत सरकार की एक अत्यंत महत्वपूर्ण योजना है, जिसका मुख्य उद्देश्य ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में सूक्ष्म उद्यम स्थापित कर रोजगार के नए अवसर सृजित करना है। योजना के अंतर्गत वित्तीय मापदंड इस प्रकार निर्धारित हैं। विनिर्माण क्षेत्र में अधिकतम 50 लाख रुपये तक की परियोजनाओं हेतु ऋण, उपलब्ध कराया जाता है। इसी प्रकार सेवा क्षेत्र अधिकतम 20 लाख रुपये तक की परियोजनाओं हेतु ऋण स्वीकृत की जाती है।
’वर्गवार एवं क्षेत्रवार सब्सिडी (अनुदान) का ढांचा’
शिविर में युवाओं को प्रोत्साहित करते हुए विभाग द्वारा मिलने वाली सब्सिडी की विस्तृत जानकारी दी गई। शिविर में बताया गया कि सामान्य वर्ग के हितग्राहियों को ग्रामीण क्षेत्रों में 25 प्रतिशत एवं शहरी क्षेत्रों में 15 प्रतिशत तक अनुदान मिलेगा। वहीं अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक, महिला, भूतपूर्व सैनिक एवं दिव्यांग श्रेणी के हितग्राहियों को ग्रामीण क्षेत्रों में 35 प्रतिशत तथा शहरी क्षेत्रों में 25 प्रतिशत तक सब्सिडी प्रदान की जाएगी। योजना के अंतर्गत बैंक परियोजना लागत का 90 से 95 प्रतिशत तक ऋण स्वीकृत करेगी। सामान्य वर्ग के आवेदकों को परियोजना लागत का 10 प्रतिशत तथा विशेष श्रेणी के लाभार्थियों को केवल 5 प्रतिशत स्वयं का अंशदान देना होगा।
’आवेदन की प्रक्रिया और आवश्यक दस्तावेज’
अधिकारियों ने बताया कि इच्छुक आवेदक खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग के आधिकारिक ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से सीधे आवेदन कर सकते हैं। आवेदन के साथ आवश्यक दस्तावेज अपलोड करना अनिवार्य होगा, जिसमें आधार कार्ड एवं पासपोर्ट साइज फोटो, शैक्षणिक योग्यता प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र (यदि लागू हो) विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन संर्लन करना होगा।
’उद्योग स्थापना के लिए पात्रता शर्तें’
शिविर में यह विशेष रूप से स्पष्ट किया गया कि इस योजना का लाभ केवल नई परियोजनाओं की स्थापना के लिए ही देय होगा। इसके अतिरिक्त, पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाले उद्योग एवं नशीले पदार्थों (जैसे शराब, तंबाकू आदि) से जुड़े व्यवसाय इस योजना के तहत पूरी तरह अपात्र माने जाएंगे। शिविर में उपस्थित अनेक युवाओं ने स्वरोजगार स्थापित करने के लिए योजना के प्रति गहरी रुचि दिखाई और मौके पर ही अधिकारियों से मार्गदर्शन प्राप्त किया।
