रायपुर। गरियाबंद जिले से एक बड़ी ही दुखद खबर सामने आई है। एक ही परिवार के तीन बच्चों की मौत हो गई है। इस खबर से पूरे इलाके में मातम छाया हुआ है।मिली जानकारी के अनुसार ,पूरा मामला धनोरा गांव का है। डमरूधर नागेश मजदूरी का काम करता है. वह मक्का तोड़ने के लिए उदंती अभ्यारण्य क्षेत्र में मौजूद अपने ससुराल साहेबीन कछार गया था. लगभग सप्ताह भर रहने के दौरान उसके बच्चों की तबियत बिगड़ने पर झोलाछाप डॉक्टर से इलाज कराया. गांव वापस लौटने पर भी झाड़ फूंक कराता रहा. जब इसकी सूचना मितानिन को लगी तो उसने परिवार से अस्पताल में इलाज कराने की बात कही. लेकिन नागेश परिवार नहीं माना.
और परिवार की लापरवाही की वजह से बच्चो की जान चली गई। मृतक बच्चों की पहचान 8 साल की बेटी अनिता जिसकी मौत 11 नवंबर को हुई थी। ऐकराम नागेश ने जिसकी मौत 13 नवंबर को हुई। इसी दिन कुछ घंटे बाद 4 साल के बेटे गोरेश्वर नागेश की भी मौत हो गई.दरअसल, तीनों बच्चों को तेज बुखार आने पर परिजन उन्हें अस्पताल न ले जाकर झोलाछाप डॉक्टर और बैगा गुनिया के पास ले गए। जिस कारण उनकी तबियत और खराब हो गई और उनकी मौत हो गई।इस मामले में अमलीपदर शासकीय अस्पताल के डॉक्टर का कहना है कि 13 नवंबर को जिस बच्चे की मौत हुई उसे सर्दी ,खांसी और बुखार था। बच्चों के परिजनों को अस्पताल में आकर जांच की सलाह दी गई थी पर वह नहीं माने और झोला छाप डॉक्टर से इलाज और झाड़-फूंक के चक्कर में उनकी जान चली गई। फिलहाल गरियाबंद CMHO ने मामले की जांच की बात कही है।
