खुशखबरी : मोदी सरकार ने महंगाई भत्ते में की पांच प्रतिशत वृद्धि

0
25

नई दिल्ली। सरकार ने केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए महंगाई भत्ते में एक साथ पांच प्रतिशत की वृद्धि कर दिवाली का तोहफा दिया है। आमतौर पर महंगाई भत्ते में एक से दो फीसदी की बढोतरी होती रही है लेकिन इसबार एक साथ पांच फीसदी की बढोतरी की गयी है। यह वृद्धि एक जुलाई 2019 से ही प्रभावी मानी जायेगी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को यहां हुई मंत्रिमंडल की बैठक में इसको मंजूरी दी गयी। बैठक के बाद सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावडेकर ने संवाददाता सम्मेलन में यह जानकारी देते हुये बताया कि केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए महंगाई भत्ता 12 प्रतिशत से बढ़ाकर 17 प्रतिशत कर दिया गया है। इससे सरकारी कोष पर 15909.35 करोड़ रुपए का अतिरिक्त भार पड़ेगा। इसमें से चालू वित्त वर्ष में जुलाई से फरवरी 2020 तक आठ महीने में 10606.20 करोड़ रुपये का अतिरिक्त भार पड़ेगा।

उन्होंने कहा कि केन्द्रीय कर्मचारियों के मंहगाई भत्ते में बढोतरी से सरकारी कोष पर सालाना 8590.20 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। चालू वित्त वर्ष में जुलाई से फरवरी तक आठ महीने में 5726.80 करोड़ रुपये का अतिरिक्त भार आयेगा। पेशनभाेगियों के महंगाई भत्ते में बढोतरी से सरकारी कोष पर वार्षिक 7319.15 करोड़ रुपये का बोझ पड़ेगा। चालू वित्त वर्ष में जुलाई से फरवरी तक आठ महीने में 4870 करोड़ रुपये का बोझ आयेगा।

उन्होंने बताया कि सरकार के इस फैसले से केंद्र सरकार के 49.93 लाख कर्मचारियों और 65.26 लाख पेंशनभोगियों को लाभ मिलेगा। सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के अनुरूप महंगाई भत्ते में बढोतरी किये जाने का उल्लेख करते हुये उन्होंने कहा कि महंगाई बढ़ने के मद्देनजर यह वृद्धि की गयी है।

कैबिनेट के अन्‍य फैसले

– कैबिनेट के फैसले में किसानों को भी राहत मिली है। प्रकाश जावेडकर ने बताया कि किसान 30 नवंबर तक किसान सम्मान निधि के लिए आधार नंबर को दे सकते हैं। पहले यह तारीख एक अगस्त 2019 थी। इस निधि के तहत सरकार सालाना छह हजार रुपये की आर्थिक मदद छोटे किसानों को देती है।

-इसके अलावा आशा कार्यकर्ताओं के वेतन को 1000 रुपये से बढ़ाकर 2000 रुपये कर दिया गया है।

– प्रकाश जावेडकर ने बताया कि आयुष्मान भारत के तहत 31 लाख से ज्यादा लोगों को फायदा हुआ है। वहीं 3.5 लाख से ज्यादा परिवारों का कार्ड बना है। केंद्र सरकार की आयुष्मान भारत स्‍कीम पश्चिम बंगाल और दिल्ली को छोड़कर अन्‍य सभी राज्‍यों में लागू है।

-साथ ही केंद्र सरकार ने पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) से विस्थापित होकर भारत के कई राज्यों में आ बसे 5300 कश्मीरी परिवारों को दिवाली का तोहफा दिया है। अब इन परिवारों को केंद्र की ओर से साढ़े 5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी, ताकि ये कश्मीर में बस सकें। जिसकी मांग काफी लंबे समय से उठ रही थी। इन 5300 परिवारों का नाम शुरुआत में विस्थापितों की लिस्ट में शामिल नहीं था, लेकिन अब सरकार ने फैसला लिया है कि इनका नाम लिस्ट में भी शामिल किया जाएगा और आर्थिक सहायता दी जाएगी।

 

( मोरख़बर से आप फ़ेसबुकट्विटरयूट्यूबइंस्टाग्राम  व व्हाट्सएप पर फ़ॉलो व लाइक करके जुड़ सकते हैं )

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here