छत्तीसगढ़

यह काम पहले हो गया होता तो, छत्तीसगढ़ कांग्रेस  से बाहर नहीं होते अजीत जोगी

रायपुर 2017-03-14 04:03 pm.
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कांग्रेस में उत्तरप्रदेश और उत्तराखंड चुनाव हारे जाने के बाद बड़े बदलाव के संकेत मिल रहे हैं। उड़ीसा समेत छत्तीसगढ़ के प्रदेश प्रभारी बीके हरिप्रसाद ने इस्तीफा दे दिया है। हरिप्रसाद के इस्तीफे को उड़ीसा के जिला चुनाव में हार की वजह के तौर पर देखा जा रहा है । हरिप्रसाद के इस्तीफे के बाद एआईसीसी के कई महासचिव और प्रदेश प्रभारियों को बदले जाने के संकेत मिल रहे है। मध्य प्रदेश के प्रभारी मोहन प्रकाश से प्रदेश का एक धड़ा नाखुश है
बी के हरिप्रसाद के प्रभारी रहते छत्तीसगढ़ से अजीत जोगी ने कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया था । अजीत जोगी छत्तीसगढ़ में अपने दल के लिए राजनीतिक जमीन तलाश रहे हैं। जानकारों की माने तो तमाम गलतियों और पार्टी के खिलाफ गद्दारी के आरोपों के बाद भी अजीत जोगी को पार्टी से नहीं निकाला जाता अगर हरिप्रसाद की जगह कोई  और प्रभारी होता। 
                        छत्तीसगढ़ के प्रदेश प्रभारी बी के हरिप्रसाद शुरुआत से ही जोगी को छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की हार का कारण मानते थे,यही वजह है की चुनाव से 2 साल पहले ही जोगी को पार्टी से बाहर निकाल दिया गया.... बी के हरिप्रसाद के इस्तीफे के बाद कई राज्यों में प्रदेश प्रभारी,प्रदेश अध्यक्ष, नेता प्रतिपक्ष को बदले जाने की अटकले हैं, हालांकि छत्तीसगढ़ इस क्रम में काफी पीछे है.... इसकी  वजह है कि छत्तीसगढ़ में कांग्रेस के पास भूपेश बघेल के अलावा कोई और लड़ाकू चेहरा नहीं है.. वही भूपेश और टीएस की टीम में सामंजस्य काफी अच्छा है,इसके बाद भी छत्तीसगढ़ के राजनीतिक गलियारे में बदलाव की चर्चा है| 

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