छत्तीसगढ़

गंगाजल की सुर्खियां पड़ी भारी अमित जोगी, सियाराम, राय सदन से 2 दिन के लिए निलंबित 

रायपुर 2017-03-02 08:03 pm.
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मोर खबर ब्यूरो

छत्तीसगढ़ विधानसभा में तीन विधायकों अमित जोगी, आर के राय और सियाराम कौशिक के खिलाफ निंदा प्रस्ताव ध्वनिमत से पारित किया गया। इसका प्रस्ताव संसदीय कार्य मंत्री अजय चंद्राकर ने रखा था, जिसका समर्थन कांग्रेस ने भी किया। सदन और विधानसभा परिसर में तीनों विधायकों के आचरण को आपत्तिजनक और सदन की गरिमा को कम करने वाला बताते हुए संसदीय कार्य मंत्री अजय चंद्राकर ने कहा कि सदन की मर्यादा है और किसी भी सदस्य को यहां नौटंकी करने की इजाजत नहीं दी जा सकती। चंद्राकर ने कहा कि तीनों विधायकों ने न केवल सदन में गंगाजल छिड़का, बल्कि मुख्यमंत्री के कक्ष के बाहर भी छिड़काव किया। उन्होंने राष्ट्रगान के समय भी जो आचरण किया, वह भी सदन की गरिमा के अनुकूल नहीं है। उनके प्रस्ताव का समर्थन करते हुए कांग्रेस के भूपेश बघेल ने कहा कि सदन किसी भी स्थिति में अपवित्र नहीं हो सकता। गंगाजल को केवल हिंदू धर्म में पवित्र करने वाला माना गया है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या अमित जोगी ने धर्म परिवर्तन कर हिंदू धर्म अपना लिया है। उन्होंने कहा कि ये धार्मिक भावना को भी आहत करने वाला है। मंत्री प्रेमप्रकाश पांडेय ने कहा कि सदन कभी अपवित्र नहीं हो सकता, ये गंगा के समान हमेशा पवित्र होता है। नेता प्रतिपक्ष टी एस सिंहदेव ने भी प्रस्ताव का समर्थन किया। अपने बचाव में अमित जोगी ने भी अपनी बात कहते हुए अपने आचरण पर खेद जताया, लेकिन उन्होंने अपने आचरण को सही ठहराने की कोशिश की। चर्चा के बाद आसंदी से विधानसभा अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल ने प्रस्ताव पर सदन का मत लिया। ध्वनिमत से दोनों पक्षों ने इसका समर्थन करके प्रस्ताव पारित किया। निंदा प्रस्ताव पास होने के बाद अमित जोगी और उनके दो साथियों आर के राय और सियाराम कौशिक शराबबंदी के मुद्दे पर अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा कराने करते हुए गर्भगृह में जाकर नारेबाजी करना शुरू कर दिया। अध्यक्ष ने बताया कि अविश्वास प्रस्ताव खारिज किया जा चुका है। इसके बाद भी लगातार वे नारेबाजी करते रहे, तो तीनों को निलंबित कर उन्हें सदन के बाहर भेज दिया गया।

             विधानसभा अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल ने सदन के भीतर गंगाजल छिड़कने वाले विधायक, अमित जोगी, सियाराम कौशिक और आर के राय को सदन से 4 दिन यानी 2 कार्यदिवस के लिए निलंबित कर दिया। तीनो विधायक शुक्रवार और सोमवार की कार्रवाई के लिए निलंबित होंगे। मंगलवार को सुबह 11 बजे तीनों विधायकों का निलंबन समाप्त हो जाएगा। इससे पहले तिनो विधायकों के खिलाफ निंदा प्रस्ताव सदन में आया था, जिसे दोनों पक्षों की सहमती पर स्वीकृत कर दिया गया।

 

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