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बजट 2017 : अब 3 लाख तक आय टैक्स फ्री, राजनीतिक दलों के कैश चंदे पर लगाम

2017-02-10 04:02 pm.
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नई दिल्ली। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने बुधवार को लोकसभा में विपक्ष के हंगामे के बीज बजट 2017-18 पेश किया। इसमें जेटली ने नोटबंदी की मार झेल रहे वेतनभोगी मध्यवर्ग और छोटे कारोबारियों को राहत देते हुए इनकम टैक्स स्लैब में बदलाव किए हैं। अब तीन से पांच लाख रुपए तक की सालाना आय वालों पर टैक्स की मौजूदा दर 10 फीसदी को घटाकर 5 फीसदी कर दिया। इसके साथ ही 50 करोड़ रुपये तक का वार्षिक कारोबार करने वाली छोटी इकाइयों के लिए टैक्स की दर घटाकर 25 प्रतिशत कर दी। चुनाव आयोग की सिफारिश के आधार पर कोई भी राजनीतिक दल किसी भी स्रोत से 2,000 रुपये से ज्यादा का चंदा कैश में नहीं ले पाएगा। राजनीतिक दल 2,000 रुपए से ज्यादा का चंदा चेक या डिजिटल मोड से ही ले पाएंगे। सभी राजनीतिक दलों को इनकम टैक्स एक्ट के तहत समय पर रिटर्न भरना होगा ताकि गड़बड़ियों की आशंका पूरी तरह खत्म हो जाए।

इस बार के आम बजट में रेलवे बजट को भी मिलाया गया है। इस लिहाज से यह ऐतिहासिक बजट है। इसके साथ ही आमतौर पर फरवरी के अंत में बजट पेश किया जाता है लेकिन इस बार इसे फरवरी माह के शुरू में ही पेश किया गया। वित्त मंत्री ने टैक्स छूट के लिए न्यूनतम आय की सीमा को 2.5 लाख रुपये से बढ़ाकर 3 लाख रुपये कर दिया है। इससे अब 3 लाख रुपये की वार्षिक आय पर कोई टैक्स नहीं लगाया जाएगा। तीन लाख से 5 लाख रुपये की सालाना आय पर टैक्स की दर 10 से घटाकर 5 प्रतिशत की गई। 50 लाख रुपये से एक करोड़ रुपये सालाना कमाने वाले लोगों को 10 प्रतिशत का अधिभार देना होगा। एक करोड़ रुपये से अधिक की वार्षिक आय पर 15 प्रतिशत का अधिभार जारी रहेगा। 

पीएम मोदी ने बताया ऐतिहासिक बजट

बजट पेश किए जाने के बाद पीएम मोदी ने इसे लोगों की बेहतरी वाला बजट बताया। उन्होंने अपने संबोधन में बजट को भारतीयों का बजट बताते हुए ऐतिहासिक बजट बनाने के लिए वित्त मंत्रालय की टीम को बधाई दी।उन्होंने कहा कि हर क्षेत्र के लिए बजट में ध्यान रखा गया है। देश के मध्यम वर्गीय लोगों की खरीद शक्ति बढ़ेगी। ये बजट हर किसी के सपनों को साकार करने का ठोस कदम है।


 

राहुल गांधी ने बताया शेर-ओ-शायरी का बजट

कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए इसे शेर-ओ-शायरी का बजट बताया है। राहुल गांधी ने कहा, यह बजट शेर-ओ-शायरी का बजट है। इस बजट में किसानों के लिए कुछ नहीं किया गया, युवाओं के लिए कुछ नहीं किया गया।' राहुल ने कहा कि बजट से हमें बम धमाकों की उम्मीद थी लेकिन इसके बदले हमें फुलझड़ी मिली, वो भी फुस्स। हालांकि उन्होंने राजनीतिक पार्टियों के चंदे में पारदार्शिता लाने की सरकार की कोशिशों की तारीफ भी की।

 

 

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