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नोटबंदी पर मोदी सरकार ने 7 नवंबर को रिजर्व बैंक से मांगा सुझाव, 8 को 500 व 1000 के नोट वापस लेने का लिया फैसला

2017-01-10 06:01 pm.
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नई दिल्ली . अभी तक केंद्र सरकार कह रही थी कि उसने नोटबंदी का फैसला आरबीआई के सुझाव पर लिया है। लेकिन संसदीय समिति को सौंपे रिपोर्ट में केंद्र सरकार के दावे के उलट रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) ने कहा है कि नोटबंदी का सुझाव   सरकार की तरफ से आया था, और आरबीआई ने सरकार के कहने पर ही 500 और 1000 रुपये के नोटों को वापस लेने का फैसला किया। 

इंडियन एक्सप्रेस में छपी खबर के मुताबिक वित्त विभाग से जुड़ी संसदीय समिति को लिखे जवाब में आरबीआई ने कहा है कि 'सरकार ने 7 नवंबर को आरबीआई को 500 और 1000 रुपये के नोटों की कानूनी मान्यता समाप्त करने का सुझाव दिया। सरकार ने बताया कि इससे जाली नोट, काला धन और आतंकवाद की फंडिग की समस्या को कम करने में मदद मिलेगी। रिजर्व बैंक ने 22 दिसंबर को वरिष्ठ कांग्रेसी नेता वीरप्‍पा मोइली की अध्यक्षता वाली इस संसदीय समिति के सामने अपना जवाब सौंपा था। आरबीआई ने संसदीय समिति को सौंपे जवाब में बताया है कि सरकार ने कहा, 'नकदी की कालेधन में अहम भूमिका होती है। इसके खात्मे से भारतीय अर्थव्यवस्था मजूबत होगी और भारत के विकास पर इसका सकरात्मक असर पड़ेगा।

 

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