छत्तीसगढ़

आदिवासियों पर अत्याचार करने वाले 'पुलिस क्यों न हों' बख्शा नहीं जाएगा : गृृहमंत्री पैकरा 

रायपुर 2017-01-09 07:01 pm.
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छत्तीसगढ़ के गृह मंत्री श्री रामसेवक पैकरा ने बस्तर के मामले में कहा है कि बस्तर में हमारे आदिवासी भाई-बहनों की सुरक्षा के लिए सरकार सजग और सतर्क है। किसी भी परिस्थिति में किसी को भी उनके साथ दुर्व्यवहार करने या अन्य कोई अशोभनीय व्यवहार करने की अनुमति नहीं दी जा सकती।  पैकरा ने कहा-जो कोई भी कानून के खिलाफ काम करेगा, उनके साथ अपमानजनक व्यवहार करेगा, तो चाहे वह पुलिसकर्मी ही क्यों न हो, उसे सरकार बर्दाश्त नहीं करेगी और दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

श्री पैकरा ने राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट के संदर्भ में कहा कि सरकार जब नक्सलवाद को समाप्त करने के लिए काम करती है तो उस समय वह आदिवासी भाई-बहनों की सुरक्षा के लिए भी सजग और चिंतित रहती है। श्री पैकरा ने कहा-इस मामले में भी हमारी पुलिस ने प्राथमिकियां (एफआईआर) दर्ज की है। इसके साथ ही प्रकरणों की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार ने जुलाई 2016 में इन मामलों को सीआईडी को हस्तांतरित कर दिया। 
श्री पैकरा ने कहा-राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग की टीम जांच के लिए आई थी। उन्होंने अपनी जांच रिपोर्ट सौंपी, उसमें हमारी भी टिप्पणियां हैं। उन्होंने सरकार को नोटिस जारी किया है। कानून के अनुसार हम उसका जवाब देंगे। 
गौरतलब है कि, सरकार ने पहले भी कई मामलो में सीआईडी जांच की घोषणा की मगर जांच रिपोर्ट आने में 5 साल से अधिक वक्त बीत जाते हैं, लेकिन कार्रवाई नहीं होती। 

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