छत्तीसगढ़

2017 की पहली केबिनेट बैठक: आरक्षण, आयु सीमा में छूट सहित किसानों के उत्पाद को उदयोग दिलाने पर फैसले

रायपुर 2017-01-09 07:01 pm.
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मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की अध्यक्षता में मंत्रालय में 2017 की पहली केबिनेट की बैठक हुई। बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। छत्तीसगढ़ राज्य के शिक्षित बेरोजगारों के हितों को ध्यान में रखते हुए राज्य के स्थानीय निवासियों को सीधी भर्ती के पदों के लिए अधिकतम आयु सीमा 35 वर्ष में 5 वर्ष की छूट और अन्य विशेष वर्गों के लिए अधिकतम आयु सीमा में देय सभी छूटों को मिलाकर उनके लिए अधिकतम आयु सीमा 45 वर्ष की अवधि को कैलेण्डर वर्ष 2017 तक बढ़ाने का निर्णय लिया गया।
पुनर्गठित रायपुर और दुर्ग संभाग के जिलों में अनुसूचित जाति, जनजाति और अन्य पिछड़े वर्गों के आरक्षण के प्रतिशत को संशोधित करने का निर्णय लिया गया। फरवरी 2013 में रायपुर संभाग का पुनर्गठन करने के बाद दुर्ग संभाग का गठन हुआ। संभागों के पुनर्गठन के फलस्वरूप वर्तमान रायपुर संभाग और दुर्ग संभाग में वर्ष 2001 की जनगणना के आधार पर संभागों और उनके अन्तर्गत शामिल जिलों के लिए आरक्षण का प्रतिशत संशोधित करने की आवश्यकता को देखते हुए निर्णय लिया गया

रेखीय परियोजनाओं (सड़क, रेल मार्ग, नहर आदि) के लिए भूअर्जन से प्रभावित प्रत्येक खातेदार को भूमि के मुआवजे के अतिरिक्त पुनर्वास अनुदान के रूप में इतनी राशि दी जाएगी, जो भूमि के मुआवजे के 50 प्रतिशत के बराबर अथवा अधिकतम 5 लाख रूपए होगी।

मिलर द्वारा दो माह की मिलिंग क्षमता से कम धान की अरवा मिलिंग कर सम्पूर्ण चावल जमा करने पर उसे कोई प्रोत्साहन राशि देय नहीं होगी, केवल भारत सरकार द्वारा निर्धारित कस्टम मिलिंग दर दी जाएगी, लेकिन विशेष परिस्थितियों में (जैसे धान उपार्जन एंजेसी द्वारा मिलिंग के लिए धान उपलब्ध नहीं कराए जाने की स्थिति में ,इत्यादि) प्रबंध संचालक मार्कफेड द्वारा प्रकरण का पूर्ण परीक्षण किया जाएगा और गुण-दोषों के आधार पर मिलर के द्वारा मिलिंग की गई उपरोक्त धान की मात्रा पर दो महीने की मिलिंग क्षमता के बराबर धान मिलिंग करने पर निर्धारित प्रोत्साहन राशि दी जा सकेगी।

खरीफ विपणन वर्ष 2016-17 में समर्थन मूल्य पर उपार्जित धान की कस्टम मिलिंग के लिए अनुमोदित नीति में संशोधन करने का निर्णय लिया गया । इसके अनुसार मिलर द्वारा अपने राईस मिल की दो महीने की कस्टम मिलिंग क्षमता के बराबर धान की मिलिंग कर सम्पूर्ण चावल जमा करने पर उसे अरवा कस्टम मिलिंग के लिए 30 रूपए प्रति क्विंटल की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।
बारदाना व्यवस्था -खरीफ विपणन वर्ष 2016-17 में मिलरों के पास शेष एक भर्ती बारदानों को मिलरों की अभिरक्षा में रखी धान उपार्जन एजेंसी (मार्कफेड) की परिसम्पति मानी जाएगी और उनका उपयोग अगले खरीफ विपणन वर्ष में धान खरीदी के लिए किया जाएगा। मिलरों के पास शेष ऐसे एक भर्ती बारदानों की कटौती की दर बारदानों की मूल कीमत 62 प्रतिशत के मान से सुरक्षा निधि के रूप में मार्कफेड द्वारा रखी जाएगी, इसमें से मिलर द्वारा 50 प्रतिशत राशि बैंक गारंटी के रूप में और 50 प्रतिशत की राशि मिलर को देय भुगतान से कटौती कर रखी जाएगी।

जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक बिलासपुर को 10 करोड़ रूपए का सॉफ्ट लोन छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी बैंक (अपेक्स बैंक) रायपुर से लेने के लिए राज्य शासन द्वारा दी गई शासकीय प्रत्याभूति का कार्योत्तर अनुमोदन किया गया और देय 5 प्रतिशत प्रत्याभूति शुल्क की छूट देने का भी निर्णय लिया गया।

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