देश

सरकार का कैशलेस अब लेस-कैश हुआ, जेटली का बयान लोगों के समझने में हुई भूल

delhi 2016-12-26 01:12 pm.

देश के वित्त मंत्री अरुण जेटली ने दिल्ली के विज्ञान भवन में नोट बंदी पर बोलते हुए कहा है कि, उनका आशय कैशलेस अर्थव्यवस्था की जगह लेस कैश अर्थव्यवस्था से था। यानी लोग कम से कम करेंसी का इस्तेमाल करें।  उन्होंने विपक्ष को आड़े हाथों लेते लेते हुए कहा कि मीडिया और कुछ विपक्षी दल इसे समझने में धीमे रह गए। जेटली ने कहा कि 

भारत में 100 करोड़ लोगों के पास सेल फोन है और 109 करोड़ लोगों के पास आधार कार्ड ऐसी हालत में भारत डिजिटल अर्थव्यवस्था में तेजी से आगे बढ़ेगा

नोट बंदी का फैसला देश को बेहतर बनाने के लिए है इससे अर्थव्यवस्था स्वच्छ होगी

हमारे देश में कभी 31 दिन लोगों के पास मोबाइल फोन हुआ करता था आज देश के 90% लोगों के पास मोबाइल फोन है

प्रधानमंत्री के भाषण के बारे में जेटली ने कहा कि नोट बंदी के बाद शुरुआत में थोड़ी समस्या होगी।  लेकिन बाद में इससे अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। 

रविवार को नीति आयोग के डिजिटल मेले में पहला लकी ड्रॉ भी, सरकार ने निकाला सरकार ने कहा कि, इस ड्रा के जरिए लोगों में ऑनलाइन पेमेंट करने की प्रेरणा मिलेगी। 

 इस मौके पर केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने नोट बंदी पर बोलते हुए कहा कि मोदी सरकार ने 2 साल में बहुत से मोबाइल फोन जुड़े हैं जिनकी आबादी इडली और फ्रांस जैसे देशों के बराबर है

Ad

इन्हें भी देखे

Follow Us




Copyright © BlueBanyan