छत्तीसगढ़

किसान सामुदायिक रूप से लगाएंगे सब्जी की फसल

दंतेवाड़ा 2016-11-09 09:11 pm.
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मोचो बाड़ी (मेरी बाड़ी) परियोजना से विशेष पहचान बनाने वाले छत्तीसगढ़ के नक्सल हिंसा पीड़ित दंतेवाड़ा जिले में मरहान जमीनों पर सामूहिक रूप से साग-सब्जी की खेती शुरू करने की नई पहल शुरू हुई है। जिला प्रशासन दंतेवाड़ा द्वारा जिले के दस गांवों की लगभग एक हजार एकड़ मरहान जमीनों को विकसित कर सब्जी-भाजी की खेती करने किसान तरक्की योजना की शुरूआत की गई है।
    केन्द्र सरकार द्वारा खनिज विकास निधि से मॉडल गांव बनाने के लिए चुने गए दंतेवाड़ा जिले के दंतेवाड़ा विकासखण्ड के गांव बड़े कमेली से शीघ्र ही यह योजना शुरू हो गई। किसान तरक्की योजना शुरू होने से बड़े कमेली की फिजा इन दिनों बदली नजर आ रही है। मरहान जमीन पर सब्जी की खेती करने के लिए यहां के 50 ग्रामीणों ने आदिम समूह बनाया है। दस दिन पहले जब दंतेवाड़ा जिला प्रशासन के अधिकारियों ने गाँव वालों को किसान तरक्की योजना के बारे में बताया तो ग्रामीण बड़े उत्साहित हुए और उन्होंने मरहान जमीन को विकसित करने का संकल्प ले लिया। एक हफ्ते के भीतर ही जहाँ बड़ी-बड़ी हरी घास उगी थी वहाँ अब समतल जमीन नजर आती है। किसानों ने पैसे इकट्ठे किए और डीजल खरीद कर इसकी जुताई कर ली।
    बड़े कमेली जैसा नजारा अगले दो हफ्तों में उन 10 गाँवों में नजर आएगा जिन्हें किसान तरक्की योजना के लिए चुना गया है। इनमें भांसी, गमावाड़ा, धुरली, मोलसनार, नेरली, दुगेली, मसेनार, उदेला और पाड़ापुर शामिल हैं। किसान तरक्की योजना में किसानों की समिति ही होने वाले लाभांश का बंटवारा करेगी। सब्जियों के विक्रय से मिलने वाली 60 प्रतिशत राशि कार्य में लगे कृषि मजदूरों को, 10 प्रतिशत मरहान भूमि के मालिक को और 10 प्रतिशत ग्राम समिति को दी जाएगी। 20 प्रतिशत हिस्सा आने वाली फसल के लिए किए जाने वाले खर्च में लगाया जाएगा। इस संबंध में लाइवलीहुड कॉलेज दंतेवाड़ा के प्रोजेक्ट मैनेजमेंट कंसल्टेंट श्री हरतेज सिंह ने बताया कि योजना की सबसे बड़ी विशेषता अच्छी फसल देने वाले बीजों का चयन है। उन्होंने बताया कि हाई यील्ड और हाई वैरायटी बीज किसानों को उपलब्ध उपलब्ध कराया जाएगा। किसानों के उत्पादन के लिए मार्केट भी चिन्हांकित किया गया है जहाँ किसान सीधे अपनी उपज बेच पाएंगे। इसके लिए बचेली और दंतेवाड़ा में शॉप भी बनाई जाएंगी। सब कुछ पारदर्शी होगा और किसान स्वयं अपनी सब्जियाँ यहाँ बेचेंगे।

source: dprcg

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