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गुर्जर समाज ने तोड़ी 11 सौ वर्ष पुरानी परंपरा, अंतरगोत्र शादी को दी अनुमति

गाज़ियाबाद 2016-12-22 01:12 pm.
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गाज़ियाबाद. रुढ़िवादी परंपरा को ख़तम करने की एक और मिसाल. 1100 वर्षों से चली आ रही अंतरगोत्र शादी पर रोक के बंधन को गुर्जर समुदाय  ने बंद कर दिया है. रिस्तल गांव के कसाना परिवार ने अंतरगोत्र शादी करे है.  यहाँ हुई दो शादियों में दहेज भी नहीं लिया गया. कसाना परिवार ने दो लड़कों की शादी बागपत के घिटौरा गांव में बैंसला परिवार की दो लड़कियों से कर नई परंपरा शुरू की है. दोनों जोड़ों की शादी सभी रस्मों-रिवाज के साथ संपन्न हुई। शादी में वर पक्ष ने न दहेज मांगा और न ही वधू पक्ष की ओर से दिखावे के तौर पर दहेज दिया गया. इसी साल 12 जून को दोनों समुदायों के 24 गांवों की महापंचायत हुई थी। पंचायत ने फैसला किया था कि अब इस नियम को लागू रखना जरूरी नहीं है. पंचायत में ही इन दोनों परिवारों का रिश्ता तय हुआ था.

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