पहले चरण का मतदान संपन्न, दूसरे चरण की तैयरियाँ तेज़…जाने कहाँ क्या रहा वोट का प्रतिशत

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पहले चरण

4 राज्यों में विधानसभा चुनाव के लिए वोटिंग
– आंध्र प्रदेश की 175 विधानसभा सीटों पर वोटिंग
– अरुणाचल की 60 सीटों पर वोटिंग
– ओडिशा की 28 सीटों पर वोटिंग
– सिक्किम की 32 सीटों पर वोटिंग

रायपुर। 17वीं लोकसभा के पहले चरण का मतदान देर शाम संपन्न हो गया है। भारतीय निर्वाचन आयोग ने बताया है कि 20 राज्यों में हुए पहले चरण के मतदान में औसत 66% रह हालाँकि आयोग ने कहा कि अंतिम आंकड़े जारी होना बाकी है। आयोग ने आगें जानकारी दी कि बंगाल-त्रिपुरा में सबसे ज्यादा 81% मतदान हुए हैं। वहीं सबसे कम मतदान बिहार में 50% हुआ।

पहले चरण में 18 राज्यों और 2 केंद्र शासित प्रदेशों की 91 सीटें शामिल हैं। कुल 1279 उम्मीदवार मैदान में हैं। इनका फैसला 14 करोड़ 20 लाख 54 हजार 978 मतदाताओं ने किया। इनमें 7 करोड़ 21 लाख पुरुष मतदाता, 6 करोड़ 98 लाख महिला मतदाता हैं। इनके लिए 1.70 लाख मतदान केंद्र बनाए गए।

चुनाव आयोग ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि आंध्र प्रदेश में 66 फीसदी मतदान हुआ. चुनाव आयोग के मुताबिक यह आंकड़े शाम 5 बजे तक की वोटिंग के हैं और अंतिम वोट प्रतिशत में इजाफा होगा. चुनाव आयोग ने बताया कि सिक्किम में 69 फीसदी वोट पड़े. अरुणाचल में 66 फीसदी मतदान हुआ. इसके अलावा देशभर में EVM तोड़फोड़ के 15 मामले सामने आए, इनमें आंध्र प्रदेश के 6, अरुणाचल प्रदेश में 5, बिहार में एक, मणिपुर में 2, पश्चिम बंगाल में एक मशीन शामिल है.

पहले चरण में आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, मेघालय, उत्तराखंड, मिजोरम, नगालैंड, सिक्किम और तेलंगाना की सभी सीटों पर मतदान हुआ। आंध्र प्रदेश की 25 सीटों पर 66 प्रतिशत, उत्‍तराखंड की पांच सीटों पर 57.85, तेलंगाना की 17 सीटों पर 60 प्रतिशत, सिक्किम, मिजोरम और नगालैंड की एक-एक सीटों पर क्रमश 69, 60 और 79 पर्सेंट वोट पड़े। त्रिपुरा की एक सीट पर 81. 8 पर्सेंट और असम की पांच सीटों पर 68 प्रतिशत वोटिंग हुई। पश्चिम बंगाल की दो सीटों पर 81 प्रतिशत वोट पड़े।

केंद्रशासित प्रदेशों अंडमान और निकोबार और लक्षद्वीप की एक-एक सीट पर क्रमश: 70.67 और 66 प्रतिशत वोट पड़े।

छत्‍तीसगढ़ की एक सीट पर 56 प्रतिशत वोट डाले गए। जम्‍मू-कश्‍मीर की दो सीटों पर 54.49 प्रतिशत वोटिंग हुई।

अरुणाचल प्रदेश की दो सीटों पर 66 प्रतिशत, बिहार की चार सीटों पर 50 प्रतिशत और महाराष्‍ट्र की सात सीटों पर 56 प्रतिशत वोटिंग हुई।

मेघालय की दो सीटों पर 67.16 प्रतिशत और ओडिशा की चार सीटों पर 68 पर्सेंट वोट डाले गए।

बिहार में बृहस्पतिवार को लोकसभा की चार सीटों- औरंगाबाद, गया, नवादा और जमुई तथा विधानसभा की एक सीट नवादा के लिए मतदान समाप्त हो गया। शाम 6 बजे तक इन चारों लोकसभा क्षेत्रों में 53 प्रतिशत मतदान हुआ। लोकसभा चुनाव के प्रथम चरण के तहत राज्य की चार सीटों पर वोट डाले गए। बिहार के अपर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी संजय कुमार सिंह ने बताया कि शाम छह बजे तक इन चारों लोकसभा क्षेत्रों में मतदान का प्रतिशत औसतन करीब 53 प्रतिशत रहा।

उत्‍तर प्रदेश की आठ सीटों पर औसतन 63.69 प्रतिशत मतदान हुआ। सहारनपुर में 70.68, कैराना में 62.10 और मुजफ्फरनगर में 66.66 प्रतिशत वोट पड़े। बिजनौर में मतदान प्रतिशत 65.40, मेरठ में 63.00 और बागपत में 63.90 रहा। वहीं गौतमबुद्धनगर में 60.15 और गाजियाबाद में सबसे कम 57.60 प्रतिशत वोटिंग हुई।

इन 91 सीटों पर पिछले दो चुनावों की स्थिति

2009 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने इन 91 में से 7 और कांग्रेस ने 55 सीटें जीती थीं। 2014 में यह तस्वीर बदल गई। कांग्रेस 7 सीटों पर सिमट गई, जबकि भाजपा को 25 सीटों का फायदा हुआ और वह 32 के आंकड़े तक पहुंच गई। पहले चरण की इन 91 सीटों पर पिछली बार कांग्रेस से ज्यादा सफल तेदेपा (16) और टीआरएस (11) रही थी।

पहले चरण की बड़ी सीटें

नागपुर, महाराष्ट्र

यहां केंद्रीय मंत्री और भाजपा के पूर्व अध्यक्ष नितिन गडकरी और कांग्रेस के नाना पटोले के बीच मुकाबला है। पटोले 2017 में भाजपा छोड़कर कांग्रेस में आ गए थे। नागपुर में दलित और मुस्लिम मतदाताओं की अहम भूमिका है। कुनबी और बंजारा समुदाय के वोटर भी हैं जो निर्णायक साबित हो सकते हैं। यहां राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का मुख्यालय है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस भी इसी शहर से हैं।

चंद्रपुर, महाराष्ट्र

केंद्रीय मंत्री मंत्री हंसराज अहीर यहां से सांसद हैं। वे लगातार चौथी बार चुनाव मैदान में हैं। उनका मुकाबला शिवसेना छोड़कर कांग्रेस में आए सुरेश धनोरकर से है।

गया, बिहार

यहां से जदयू के विजय मांझी मैदान में हैं। उनके खिलाफ राजद-कांग्रेस-हम-रालोसपा के महागठबंधन से पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी हैं। इस सीट पर 3 लाख मांझी, 2 लाख मुस्लिम और इतने ही यादव वोटर हैं। गया सीट भाजपा का गढ़ रही है।

जमुई, बिहार

यहां से चिराग पासवान फिर से लोजपा से किस्मत आजमा रहे हैं। उन्हें उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी रालोसपा के भूदेव चौधरी टक्कर दे रहे हैं। इस सीट पर महादलित समाज के वोटर ज्यादा हैं।

मुजफ्फरनगर, उत्तर प्रदेश

इस सीट पर 2013 दंगों के बाद जाट और मुस्लिम समुदाय अलग हो गया था। इसकी वजह से 2014 में यह सीट भाजपा के खाते में आ गई थी। अब 5 साल बाद हालात बदले हैं। यहां से अजीत सिंह मैदान में हैं। 2014 में वे अपने गढ़ बागपत में हार गए थे। उनका मुकाबला भाजपा के संजीव बालियान से है।

बागपत, उत्तर प्रदेश

यह सीट चौधरी अजीत सिंह का गढ़ रही है। पिछली बार उन्हें मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर सत्यपाल सिंह ने हरा दिया था। सिंह इस सीट पर दोबारा भाजपा उम्मीदवार हैं। इस बार उनका मुकाबला अजीत सिंह के बेटे जयंत चौधरी से है।

गाजियाबाद, उत्तर प्रदेश

केंद्रीय मंत्री और पूर्व सेना प्रमुख जनरल वीके सिंह इस सीट से दोबारा चुनाव लड़ रहे हैं। इस बार उनका मुख्य मुकाबला सपा के सुरेश बंसल से है।

गौतम बुद्ध नगर, उत्तर प्रदेश

केंद्रीय मंत्री महेश शर्मा यहां से दूसरी बार चुनाव लड़ रहे हैं। कांग्रेस ने अरविंद कुमार सिंह और सपा-बसपा-रालोद ने सतवीर को टिकट दिया है।

निजामाबाद, तेलंगाना

इस सीट से टीआरएस प्रमुख और मुख्यमंत्री केसीआर की बेटी के. कविता लड़ रही हैं। उनके खिलाफ कांग्रेस ने मधुसूदन को टिकट दिया है।

हैदराबाद

इस सीट पर एक बार फिर मौजूदा सांसद एआईएमआईएम के नेता असदउद्दीन ओवैसी मैदान में हैं। उनके खिलाफ टीआरएस ने पी. श्रीकांत को टिकट दिया है।

तुरा, मेघालय

यहां से पूर्व लोकसभा स्पीकर की बेटी अगाथा संगमा एनपीपी के टिकट पर चुनाव लड़ रही हैं। उनका मुकाबला कांग्रेस नेता और पूर्व मुख्यमंत्री मुकुल संगमा से है।

हरिद्वार, उत्तराखंड

इस सीट से पूर्व मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल निशंक मैदान में हैं। उनके खिलाफ कांग्रेस के अंबरीश कुमार मैदान में हैं।

मतदान केंद्रों पर ईवीएम में गड़बड़ियों को लेकर कांग्रेस ने चुनाव आयोग को दी 39 शिकायतें
कांग्रेस ने महाराष्ट्र के छह लोकसभा क्षेत्रों जहां गुरुवार को मतदान चल रहा है वहां के कुछ मतदान केंद्रों पर ईवीएम में “गड़बड़ी” से संबंधित 39 शिकायतें निर्वाचन आयोग के समक्ष दर्ज कराई हैं। पार्टी ने यह जानकारी दी। प्रदेश कांग्रेस ने एक बयान में कहा कि उसने नागपुर में कुछ बूथों पर इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) में गड़बड़ी संबंधी 12 शिकायतें ईमेल के जरिये चुनाव आयोग से की हैं। इसके अलावा चंद्रपुर में आठ, वर्धा में छह और रामटेक में पांच ईवीएम में गड़बड़ी संबंधी शिकायत आयोग से की गई है।

पार्टी ने यवतमाल-वाशिम और गढ़चिरौली-चिमूर सीटों पर भी ऐसी ही गड़बड़ी की चार शिकायतें की हैं। इन छह लोकसभा क्षेत्रों के अलावा विदर्भ क्षेत्र की भंडारा-गोंदिया सीट के लिये भी लोकसभा चुनावों के पहले चरण में गुरुवार को मतदान हो रहा है। नागपुर संसदीय क्षेत्र में इवीएम के सही काम न करने को लेकर राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को अलग से भेजे एक पत्र में कांग्रेस ने कहा कि यह “कृत्य” स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनावों में “हस्तक्षेप” है।

बीएसएफ पर मतदाताओं को भाजपा को वोट देने को मजबूर करने का आरोप, कांग्रेस का बटन भी निकला खराब
नेशनल कॉन्फ्रेंस और पीडीपी ने गुरुवार को प्रथम चरण के मतदान में वर्दीधारी कर्मी द्वारा लोगों को भाजपा को वोट देने के लिए मजबूर करने, ईवीएम में कांग्रेस के बटन के काम ना करने सहित अन्य गड़बड़ियों के आरोप लगाए। पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने ट्विटर पर एक वीडियो साझा किया जिसमें मतदाता भाजपा विरोधी नारे लगाते दिख रहे हैं क्योंकि बीएसएफ ने भाजपा को वोट नहीं देने पर उनसे बदसलूकी की थी। उन्होंने लिखा, ” जम्मू में एक मतदान केन्द्र पर एक व्यक्ति के साथ बीएसएफ ने हाथापाई की क्योंकि उसने भाजपा को वोट देने से मना कर दिया था। मतदान केंद्रों पर सशस्त्र बलों का उपयोग कर लोगों को भाजपा को वोट देने के लिए मजबूर करना, सत्ता की भूख और उनकी हताशा को दर्शाता है…चाहे इसके लिए जो भी करना पड़े।”

नेशनल कॉन्फ्रेंस के जम्मू प्रांतीय अध्यक्ष दविंदर सिंह राणा ने भी मामले में शिकायत दर्ज कराई। उनके अनुसार पुंछ के अराई मलका इलाके में एक वर्दीधारी कर्मी ने मतदाताओं को भाजपा को वोट देने के लिए मजबूर किया। उन्होंने बताया कि मतदाताओं की शिकायत के बाद एक स्थानीय प्रशासन अधिकारी ने मौके पर पहुंच उस वर्दीधारी कर्मी को वहां से हटा दिया। नेशनल कॉन्फ्रेंस के उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने भी एक पीठासीन अधिकारी की वीडियो पोस्ट की जिसमें वह पुंछ इलाके में एक ईवीएम बटन के खराब होने की जानकारी दे रहा है। अधिकारी ने पुंछ जिले में मतदान कुछ देर के लिए रुक जाने की जानकारी देते हुए उसके जल्द ठीक होने का आश्वासन दिया। कौन सा बटन काम नहीं कर रहा है यह पूछे जाने पर उन्होंने कहा, ”हाथ का बटन।” हाथ कांग्रेस का चुनाव चिह्न है।

कांग्रेस नेता की पिटाई चंद्रायनगुट्टा सीट AIMIM उम्मीदवार और असदुद्दीन ओवैसी के भाई अकबरुद्दीन ओवैसी के समर्थकों पर कांग्रेस प्रत्याशी को पीटने का आरोप लगा है। वह ओवैसी के खिलाफ चुनाव प्रचार करने उतरे थे। आंध्र प्रदेश में लोकसभा चुनाव के साथ-साथ विधानसभा चुनाव के लिए भी वोट डाले जा रहे हैं। राज्य में फिलहाल चंद्रबाबू की अगुवाई में टीडीपी की सरकार है।

ओडिशा के 2 बूथों पर नहीं पड़ा एक भी वोट ओडिशा के मुख्य चुनाव अधिकारी ने बताया कि राज्य के 6 पोलिंग बूथों पर एक भी वोट नहीं पड़ा। मलकानगिरी के नक्सल प्रभावित इलाके में आने वाले इन बूथों पर नक्सलियों के डर से एक भी वोटर मतदान के लिए नहीं आया। इस इलाके में नक्सलियों का काफी प्रभाव माना जाता है। ओडिशा में लोकसभा चुनाव के साथ विधानसभा की 28 सीटों के लिए भी पहले चरण में मतदान हुआ।

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