पहले चरण की 91 सीटों के लिए मतदान आज, कई दिग्गज नेताओं की क़िस्मत क़ैद होगी ईवीएम में…चुनाव से जुड़े हर सवाल का जवाब

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तीसरे चरण

रायपुर। लोकसभा चुनाव 2019 के पहले चरण के लिए मतदान अब से कुछ ही देर में शुरू हो जाएगा। इसमें देश के 20 राज्यों की 91 सीटों के लिए मतदाता आज अपने मत का इस्तेमाल करने जा रहे है। पहले चरण के इस मतदान में कुल 1279 प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला मतदाता ईवीएम मशीन में क़ैद करेंगे। 

  • पहले चरण में जिन 20 राज्यों में वोटिंग होगी, उसमें दो केंद्र शासित प्रदेश भी शामिल हैं।
  • पहले चरण की 91 सीटों पर कुल 1279 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं।
  • इन 1279 उम्मीदवारों में महिलाओं का आंकड़ा सिर्फ 89 है।
  • पहले चरण में साल 2014 के लोकसभा चुनाव में 72.12 फीसदी वोटिंग हुई थी।
  • 8 अप्रैल 2019 तक इन 91 सीटों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 30 रैलियां और कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने 39 रैलियां की हैं।

एक नज़र किन राज्यों की कितनी सीट पर है चुनाव और किसका कहाँ कितना असर है

उत्तरप्रदेश (8), महाराष्ट्र (7), छत्तीसगढ़ (1), बिहार (4), असम (5), उत्तराखंड (5), अरुणाचल प्रदेश (2), जम्मू-कश्मीर (2)। इन सभी राज्यों में कांग्रेस-भाजपा का ख़ासा असर देखने को मिलता है जबकि भाजपा-कांग्रेस को छोड़ बाक़ी बचे राज्यों में जनता अन्य दल पर भरोसा जताती है। उनमें आंध्रप्रदेश (25), तेलंगाना (17), मेघालय (2), सिक्किम (1), मिजोरम (1), नागालैंड (1), लक्षद्वीप (1), अंडमान-निकोबार (1), ओडिशा (4), पश्चिम बंगाल (2), मणिपुर (1), त्रिपुरा (1) शामिल है।

एक रिपोर्ट की माने तो पिछले लोकसभा में इन 91 सीटों पर यहां सबसे ज़्यादा सीटें भाजपा ने जीता था। भाजपा ने 2014 में इन 91 में से 35% यानी 32 सीटें जीती थीं। वहीं, कांग्रेस ने 8% यानी 7 सीटें ही जीती थीं। वहीं 2009 के चुनाव में तस्वीर कुछ और ही थी। 2009 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने इन 91 में से 7 और कांग्रेस ने 55 सीटों पर जीत दर्ज की थीं। बता दें कि पहले चरण में 10 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की सभी 55 सीटों पर मतदान होना है। वहीं, 10 अन्य राज्यों की 36 सीटों पर वोट डाले जाएंगे।

एक नज़र 2014 के चुनाव में किसे कितनी सीटें मिली थी, इन 91 सीटों पर

बीजेपी- 32 सीटें

टीडीपी- 16 सीटें

टीआरएस- 11 सीटें

वाईएसआई कांग्रेस- 9 सीटें

कांग्रेस- 7 सीटें

बीजेडी- 4 सीटें

शिवसेना- 2 सीटें

टीएमसी- 2 सीटें

सीपीएम- 1 सीट

एलजेपी- 1 सीट

एनसीपी- 1 सीट

एनपीईपी- 1 सीट

एनपीएफ- 1 सीट

पीडीपी- 1 सीट

एसडीएफ- 1 सीट

एएमआईएम- 1 सीट

एक नज़र किस राज्य में होगी वोटिंग, वहां किस सीट पर कितने उम्मीदवार खड़ें हैं और पिछले चुनाव में वोटिंग प्रतिशत क्या रहा था और वो सीट कौनसी पार्टी जीती थी।

अंडमान निकोबार

यहं सिर्फ एक सीट पर चुनाव होगा। इस सीट पर 15 उम्मीदवार मैदान में है। पिछली बार ये सीट बीजेपी ने जीती थी और यहां 70.67 फीसदी वोटिंग हुई थी।

आंध्रप्रदेश

यहं 25 सीटों पर चुनाव होगा। इन 25 सीटों पर 319 उम्मीदवार मैदान में हैं। पिछली बार टीडीपी ने 15 सीट, वाईएसआर कांग्रेस ने 8 सीट और बीजेपी ने 2 सीट जीती थी और यहां 78.97 फीसदी वोटिंग हुई थी।

अरुणाचल प्रदेश

यहां 2 सीटों पर चुनाव होगा। इन 2 सीटों पर 12 उम्मीदवार मैदान में हैं। पिछली बार यहां एक सीट कांग्रेस ने और एक सीट बीजेपी ने जीती थी और यहां 79.88 फीसदी वोटिंग हुई थी।

असम

यहां 5 सीटों पर चुनाव होगा। इन 5 सीटों पर 41 उम्मीदवार मैदान में हैं। पिछली बार यहां एक सीट कांग्रेस ने और 4 सीट बीजेपी ने जीती थी और यहां 78.66 फीसदी वोटिंग हुई थी।

बिहार

यहां 4 सीटों पर चुनाव होगा। इन 4 सीटों पर 44 उम्मीदवार मैदान में हैं। पिछली बार यहां की चारों सीटें एनडीए (बीजेपी 4 और एलजेपी 1) ने जीती थी और यहां 51.82 फीसदी वोटिंग हुई थी।

छत्तीसगढ़

यहां 1 सीट पर चुनाव होगा। इस 1 सीट पर 7 उम्मीदवार मैदान में हैं। पिछली बार यहां बीजेपी जीती थी और इस सीट पर 59.32 फीसदी वोटिंग हुई थी।

जम्मू-कश्मीर

यहां 2 सीटों पर चुनाव होगा। इन 2 सीटों पर 33 उम्मीदवार मैदान में हैं। पिछली बार यहां की एक सीट बीजेपी और एक पीडीपी ने जीती थी और यहां 53.56 फीसदी वोटिंग हुई थी।

लक्षद्वीप

यहां सिर्फ एक सीट पर चुनाव होगा। इस एक सीट पर 6 उम्मीदवार मैदान में है। पिछली बार ये सीट एनसीपी ने जीती थी और यहां 86.62 फीसदी वोटिंग हुई थी।

महाराष्ट्र

यहां 7 सीटों पर चुनाव होगा।इन 7 सीटों पर 116 उम्मीदवार मैदान में हैं। पिछली बार यहां की सातों सीटें एनडीए (बीजेपी 5 और शिवसेना 2) ने जीती थी और यहां 64.15 फीसदी वोटिंग हुई थी।

मणिपुर

यहां सिर्फ एक सीट पर चुनाव होगा। इस एक सीट पर 8 उम्मीदवार मैदान में है। पिछली बार ये सीट कांग्रेस ने जीती थी और यहां 84.12 फीसदी वोटिंग हुई थी।

मेघालय

यहां 2 सीटों पर चुनाव होगा। इन 2 सीटों पर 9 उम्मीदवार मैदान में हैं। पिछली बार यहां की एक सीट कांग्रेस और एक एनपीईपी ने जीती थी और यहां 70.67 फीसदी वोटिंग हुई थी।

मिजोरम

यहां सिर्फ एक सीट पर चुनाव होगा।इस एक सीट पर 6 उम्मीदवार मैदान में है।पिछली बार ये सीट कांग्रेस ने जीती थी और यहां 61.95 फीसदी वोटिंग हुई थी।

नागालैंड

यहां सिर्फ एक सीट पर चुनाव होगा। इस एक सीट पर 4 उम्मीदवार मैदान में है।पिछली बार ये सीट कांग्रेस ने जीती थी और यहां 87.91 फीसदी वोटिंग हुई थी।

ओडिशा

यहां 4 सीटों पर चुनाव होगा। इन 4 सीटों पर 26 उम्मीदवार मैदान में हैं। पिछली बार यहां की चारों सीटें बीजेडी ने जीती थी और यहां 64.67 फीसदी वोटिंग हुई थी।

सिक्किम

यहां सिर्फ एक सीट पर चुनाव होगा।इस एक सीट पर 11 उम्मीदवार मैदान में है। पिछली बार ये सीट एसडीएफ ने जीती थी और यहां 83.64 फीसदी वोटिंग हुई थी।

तेलंगाना

यहां 17 सीटों पर चुनाव होगा।इन 17 सीटों पर 443 उम्मीदवार मैदान में हैं। पिछली बार यहां की 11 सीटें टीआरएस, दो सीटें कांग्रेस, एक सीट बीजेपी, एक सीट वाईएसआर कांग्रेस, एक सीट टीडीपी और एक सीटी एआईएमआईएम ने जीती थी। यहां 71.17 फीसदी वोटिंग हुई थी।

त्रिपुरा

यहां सिर्फ एक सीट पर चुनाव होगा।इस एक सीट पर 13 उम्मीदवार मैदान में है। पिछली बार ये सीट सीपीएम ने जीती थी और यहां 86.17 फीसदी वोटिंग हुई थी।

उत्तर प्रदेश

यहां 8 सीटों पर चुनाव होगा।इन 8 सीटों पर 96 उम्मीदवार मैदान में हैं। पिछली बार यहां की 8 सीटें बीजेपी ने जीती थी और यहां 66.52 फीसदी वोटिंग हुई थी।

उत्तराखंड

यहां 5 सीटों पर चुनाव होगा। इन 5 सीटों पर 52 उम्मीदवार मैदान में हैं। पिछली बार यहां की 5 सीटें बीजेपी ने जीती थी और यहां 60.72 फीसदी वोटिंग हुई थी।

पश्चिम बंगाल

यहां 2 सीटों पर चुनाव होगा। इन 2 सीटों पर 18 उम्मीदवार मैदान में हैं। पिछली बार ये दोनों सीट टीएमसी ने जीती थी और यहां 82.96 फीसदी वोटिंग हुई थी।

इन राज्यों में पहले चरण में ही खत्म हो जाएंगे चुनाव

  1. तेलंगाना – 17 सीट
  2. आंध्र प्रदेश – 25 सीट
  3. अरुणाचल प्रदेश – 2 सीट

एक नज़र किसने किया कितना प्रचार

लोकसभा चुनाव की घोषणा 10 मार्च को हुई थी। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने अगले दिन यानी 11 मार्च से ही प्रचार शुरू कर दिया था। उन्होंने कांग्रेस के ब्लॉक स्तर के कार्यकर्ताओं और नेताओं के बीच पहली रैली की थी। वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा चुनाव की घोषणा के 10 दिन बाद 20 मार्च से प्रचार शुरू किया था। तब उन्होंने ‘मैं भी चौकीदार’ कैम्पेन की लॉन्चिंग के बाद देशभर में 25 लाख सिक्युरिटी गार्ड्स को ऑडियो-वीडियो के जरिए संबोधित किया था। 9 अप्रैल तक मोदी ने 30 रैलियां कीं। वहीं, राहुल ने 39 रैलियों को संबोधित किया। पीएम मोदी ने अपनी रैलियों में पुलवामा, एयर स्ट्राइक और आतंकवाद का खासा जिक्र किया है जबकि राहुल गांधी ने बेरोजगारी, कर्जमाफी और राफेल को लेकर भाजपा पर हमला बोला है।

पहले चरण में इन दिग्गज नेताओं का राजनैतिक भविष्य ईवीएम में कैद हो जाएगा। इसमें नागपुर से केंद्रीय मंत्री नितिन गड़करी, गौतमबुद्ध नगर से केंद्रीय मंत्री महेश शर्मा, गाजियाबाद से विदेश राज्यमंत्री वीके सिंह, हरिद्वार से उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल निशंक, मुजफ्फरनगर से चौधरी अजित सिंह, हैदराबाद से एमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी, बागपत से भाजपा नेता डॉ. सत्यपाल सिंह और जमुई से चिराग पासवान के नाम शामिल हैं।

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